घर में खुशहाली और शांति के लिए विभुवन संकष्टी से पहले करें ये विशेष वास्तु उपाय

images - 2026-05-31T185952.673
0 0
Read Time:3 Minute, 38 Second

Vibhuvan Sankashti Chaturthi 2026: संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण व्रत और पर्व है. वर्षभर में 12 संकष्टी चतुर्थी व्रत रखे जाते हैं. यह दिन गणपति बप्पा को प्रसन्न कर उनका आशीर्वाद और कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है. लेकिन जब बात विभुवन संकष्टी चतुर्थी की होती है, तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है. विभुवन संकष्टी चतुर्थी का यह दुर्लभ संयोग केवल अधिक मास (मलमास) में बनता है, जो लगभग हर तीन वर्ष में एक बार आता है. वास्तु शास्त्र के जानकारों के अनुसार, इस पावन अवसर से पहले कुछ विशेष वास्तु उपाय करने से घर की नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है तथा सुख-शांति, समृद्धि और सकारात्मकता का वास होता है.

मुख्य द्वार पर बनाएं स्वास्तिक और लगाएं तोरण वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश द्वार माना गया है. संकष्टी चतुर्थी से पहले मुख्य द्वार की अच्छी तरह सफाई करें. इसके बाद सिंदूर और घी मिलाकर स्वास्तिक का शुभ चिह्न बनाएं. साथ ही आम या अशोक के पत्तों का तोरण (बंधनवार) लगाएं. मान्यता है कि इससे नकारात्मक शक्तियां घर में प्रवेश नहीं कर पातीं और शुभ ऊर्जा का संचार होता है. ईशान कोण की करें विशेष सफाई

घर का उत्तर-पूर्वी भाग, जिसे ईशान कोण कहा जाता है, वास्तु शास्त्र में देवताओं का स्थान माना गया है. मान्यता है कि इस दिशा में कबाड़ या भारी सामान रखने से मानसिक तनाव, अशांति और पारिवारिक कलह बढ़ सकती है. विभुवन संकष्टी चतुर्थी से पहले इस कोने की अच्छी तरह सफाई करें और इसे व्यवस्थित रखें. पूजा स्थल में करें गणेश यंत्र की स्थापना यदि आप लंबे समय से घर में सुख-समृद्धि की कमी महसूस कर रहे हैं, तो इस दुर्लभ संकष्टी चतुर्थी के अवसर पर अपने पूजा स्थल में गणेश यंत्र या श्रीयंत्र की स्थापना कर सकते हैं. वास्तु मान्यताओं के अनुसार, इस दिन यंत्र स्थापना करने से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है तथा घर में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है. नमक के पानी से लगाएं पोंछा घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा या नजर दोष को दूर करने के लिए संकष्टी चतुर्थी से पहले पूरे घर में सेंधा नमक मिले हुए पानी से पोंछा लगाएं. माना जाता है कि इससे वातावरण शुद्ध होता है और सकारात्मकता बढ़ती है. हालांकि, परंपरागत मान्यताओं के अनुसार गुरुवार के दिन नमक वाले पानी से पोंछा लगाने से बचना चाहिए.

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
en_USEnglish