प्रधानमंत्री मोदी ने दिया प्रकृति और समृद्धि का संदेश

b25dfdee21a8863df8787de346b43cf0 (1)
0 0
Read Time:1 Minute, 1 Second

नई दिल्ली, 22 मई। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संस्कृत सुभाषित के माध्यम से प्रकृति, विकास और सामूहिक समृद्धि का संदेश दिया। उन्होंने आज एक्स पर संस्कृत सुभाषित साझा किया, “वनस्पते शतवल्शो वि रोह सहस्रवल्शा वि वयं रुहेम। यं त्वामयं स्वधितिस्तेजमानः प्रणिनाय महते सौभगाय॥”इस सुभाषित का अर्थ है कि वनस्पति सैकड़ों और हजारों शाखाओं के साथ विकसित और समृद्ध बने तथा मानव समाज भी उसके साथ उन्नति करे। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिस तेजस्वी शक्ति ने प्रकृति को महान कल्याण और समृद्धि के लिए विकसित किया है, वही शक्ति समस्त मानवता के लिए भी मंगलकारी हो।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
en_USEnglish