जल है तो नेचर, कल्चर और फ्यूच,है : चिदानन्द

ऋषिकेश: विश्व जल दिवस पर ऋषिकेश शहर के 16 विद्यालयों के छात्रों ने सहभागी बनते हुए जल संरक्षण का संकल्प लिया। इस दौरान परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानन्द सरस्वती, ग्लोबल इंटरफेथ वाश एलायंस की अन्तरराष्ट्रीय महासचिव साध्वी भगवती सरस्वती, पूर्व कमिश्नर सहारनपुर चन्द्रप्रकाश त्रिपाठी, योगाचार्य विमल बधावन और अन्य विशिष्ट अतिथियों ने सहभागी विद्यार्थियों को जल संरक्षण का संदेश दिया। परमार्थ निकेतन में जल के महत्व पर ध्यान केंद्रित करने और जनसमुदाय को जागृत करने हेतु पेंटिंग, स्लोगन राइटिंग, पोस्टर मेकिंग और क्विज प्रतियोगिता जैसी विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया जिसमें ऋषिकेश शहर के विभिन्न स्कूलों के विद्याथियों ने अपने प्रधानाचार्य और शिक्षकों के साथ सहभाग किया। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि जल है तो जीवन है, जल है तो कल है और जल है तो नेचर, कल्चर और फ्यूचर है। हमारे सभी के जन्मदिवस तभी सार्थक है जब जल होगा। उन्होंने कहा कि जल और पर्यावरण के संरक्षण के लिये सरकार, शासन, समाज और समुदायों को अनुशासित रहना होगा। स्वामी ने विद्यार्थियों को जल संरक्षण का संकल्प कराया। इस दौरान साध्वी भगवती सरस्वती ने कहा कि हमारी धरती और हमारे शरीर में भी 70 प्रतिशत जल है और धरती पर व्याप्त उस 70 प्रतिशत जल में से केवल 1 प्रतिशत जल पीने योग्य है, इसलिये जल का संरक्षण अत्यंत आवश्यक हैै। साध्वी ने बच्चों को तीन एच-हैल्थ, हैप्पीनेस और हार्मनी के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि इसे आत्मसात कर न केवल अपना बल्कि पूरे विश्व का कल्याण किया जा सकता है।
पूर्व कमिश्नर सहारनपुर चन्द्रप्रकाश त्रिपाठी जी ने विश्व जल दिवस के अवसर पर संदेश देते हुए कहा कि हम अपनी नदियों, जलस्रोतों को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त करने हेतु योगदान देना होगा। जल को स्वच्छ करना हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। हमारे आस-पास जो भी जल स्रोत हैं, उन्हें स्वच्छ रखने के लिये जनसमुदाय को जागरूक करना और दूसरों को भी प्रेरणा देने का कार्य करना होगा। उन्होंने संदेश दिया कि बिन पानी सब सून। बिना जल के कुछ नहीं, जल से ही जीवन है। हम आज संकल्प लें कि हम अपने आस-पास के जल स्रोतों को सुदृढ़ और स्वच्छ बनायेंगे।
योगाचार्य विमल बधावन ने जल दिवस के अवसर पर जल कानून एवं गंगा कानून के विषय में जानकारी प्रदान की। साथ ही बच्चों को हमारी दिव्य नदियों और जलस्रोतों में कचरा-कूड़ा न डालने का संदेश दिया।गौरतलब हो कि इस वर्ष की थीम ‘‘भूजल – अदृश्य को दृश्यमान बनाना‘‘ अर्थात यह विषय छिपे हुए जल संसाधन की ओर ध्यान आकर्षित कराता है।
विश्व जल दिवस के अवसर पर परमार्थ निकेतन में जीयूपीएस नाभा हाउस, जीपीएस नाभा हाउस, जीपीएस बापू ग्राम, जीजेएचएस बापू ग्राम, चंद्रेश्वर पब्लिक स्कूल, एसवीएम आम बाग, जीआईसी लक्ष्मण झूला, जीजेएचएस खारास्रोत, परमार्थ विद्या मंदिर, जीपीएस लक्ष्मण झूला, जीवीएन बापूग्राम, जीपीएस गढ़ी श्यामपुर, जीजेएचएस थाना नंबर 1 देहरादून रोड़, परमार्थ नारी शक्ति केंद्र गंगा नगर, जीपीएस वीरपुर, परमार्थ नारी शक्ति केंद्र चंद्रेश्वर नगर आदि स्कूलों ने सहभागिता कर विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया।