बंदला धार से पैराग्लाइडिंग करने की साइट को हरी झंडी, पर्यटक करेगे हवा की सैर

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बिलासपुर: हिमाचल सरकार ने बिलासपुर जिला की बंदला धार से पैराग्लाइडिंग करने की साइट को हरी झंडी दिखा दी है। इसकी अधिसूचना जारी होने के बाद अब बंदलाधार से भी प्रदेश भर के प्रशिक्षित पैराग्लाइडर बाहरी पर्यटकों को हवा की सैर करवा सकेंगे । दशकों से बिलासपुर की बंदलाधार को पैराग्लाइडिंग की साइट घोषित करने को लेकर चल रहे प्रयासों पर आखिर उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक की मेहनत रंग लाई है। बता दें कि कुछ समय पहले ही पर्वतारोहण संस्थान मनाली की तरफ से एक टीम ने प्रशासन व निदेशक की अगवाई में बंदला साइट का विजिट किया था ।

तकनीकी टीम ने इस साइट को पैराग्लाइडिंग के लिए बेहतर बताया था और उसके बाद पर्यटन विभाग ने इसकी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद फाइल को प्रदेश सरकार की मंजूरी के लिए भेजा था । अब सरकार ने इस साइट को मंजूरी दे दी है और इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी है। उपायुक्त आबिद हुसैन सादिक ने कहा कि प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को बंदला पैराग्लाइडिंग साइट की अधिसूचना जारी कर दी है। पर्वतारोहण संस्थान मनाली के निदेशक की अगवाई वाली तकनीकी कमेटी की अप्रूवल के बाद अब इसे निदेशक पर्यटन ने भी मंजूर कर दिया है। अब हिमाचल प्रदेश एरो स्पोट्र्स रूल 2022 के तहत बने नियमों के मुताबिक इस साइट पर प्रशिक्षित पैराग्लाइडर उड़ान भरने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

एक्रोबैटिक स्पोट्र्स के लिए उपयुक्त साइट

यहां बता दें कि बिलासपुर पूरे देश भर में एक ऐसी पहली एक्सक्लूसिव साइट है, जो कि एक्रोबैटिक के लिए बेहद उपयुक्त मानी गई है। बंदला साइट से उड़ान भरने के बाद पैराग्लाइडर बिलासपुर की गोबिंदसागर झील में उतरते हैं, जिन्हें मोटर बोट या नाव के जरिए झील किनारे सुरक्षित जगह तक पहुंचाया जाता है। ऐसे में साइट नोटिफाई होने के बाद नेशनल इंटरनेशनल एक्रोबैटिक स्पोट्र्स का भी आयोजन करवाया जा सकेगा।

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