पूर्व सीएम हरीश रावत ने इन्वेस्टर्स समिट पर उठाये सवाल, बताया सरकारी धन का दुरुपयोग

ex-cm-harish-rawat-2-92
0 0
Read Time:4 Minute, 19 Second

-पहाड़ से मैदान तक तबाही, लोग परेशान: रावत

देहरादून: सूबे के पूर्व सीएम हरीश रावत ने इन्वेस्टर्स समिट को लेकर सरकार पर सवाल खड़े किए हैंI रावत ने समिट को सरकारी धन का दुरुपयोग बतायाI अपने एक बयान में उन्होंने मौजूदा सरकार पर कुशासन और कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए राज्य में कानून व्यवस्था पर भी सवाल उठायेI

शुक्रवार को अपने बयान में सितंबर माह में उत्तराखंड में आयोजित होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे पहले भी त्रिवेंद्र सरकार ने इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन किया था, जिसमें हजारों करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले थे, कहां गया वह निवेश, यह सब सरकार का एक प्रोपेगेंडा है। कहा समिट होगी लोग जुटेंगे खाएंगे-पियेंगे और मौज मस्ती कर चले जाएंगे। अगर सरकार राज्य के औघोगिक विकास को लेकर काम ही करना चाहती थी तो वह पूर्व समय में मिले निवेश प्रस्ताव को ही धरातल पर उतरने का प्रयास करती। उन्होंने इसे सरकारी धन का दुरुपयोग बताया।

रावत ने कहा कि पहाड़ से लेकर मैदान तक लोग मानसूनी आपदा की मार झेल रहे हैं, लेकिन सरकार आपदा प्रबंधन के कामों को ठीक से नहीं कर पा रही है। राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति भी ठीक नहीं है, राज्य में महिला अपराध और दलितों के साथ अत्याचार की घटनाएं बढ़ रही है। सरकार आम आदमी को सुरक्षा नहीं दे पा रही है कुशासन और कुप्रबंधन से युवा हो चाहे व्यापारी सब परेशान हैं। लेकिन सरकार को किसी की कोई चिंता नहीं है।

पूर्व सीएम हरीश रावत का कहना है कि भारी बारिश के कारण पहाड़ से लेकर मैदान तक भारी तबाही हुई है। लोगों के घर बार और खेती किसानी सब कुछ चैपट हो गया है। कहीं बादल फटने से तो कहीं भूस्खलन से पहाड़ के लोग परेशान हैं वह एक जगह से दूसरी जगह आ जा नहीं सकते हैं। आपदा प्रभावित लोगों तक सरकार की कोई मदद नहीं पहुंच पा रही है लोग इधर-उधर शरण लेने पर मजबूर है।

उन्होंने कहा कि ठीक है कि हमारा आपका आपदाओं पर कोई नियंत्रण नहीं है और उन्हें हम रोक नहीं सकते हैं लेकिन अगर मानसून से पूर्व और बाद में हमने आपदा प्रबंधन के लिए उचित प्रयास किए होते तो शायद आपदा के प्रभाव को हम थोड़ा बहुत कम जरूर कर सकते थे। राज्य के मैदानी क्षेत्र के किसानों का भारी से भारी नुकसान हुआ है, किसानों की जमीनें और फसलें सब जलमग्न हो चुके हैं। कहा कि वह चाहे किसान हो या व्यापारी सभी परेशान हैं।

कहा कि मुख्यमंत्री और भाजपा नेताओं को 2024 के चुनाव की चिंता तो है पर राज्य के आपदा प्रभावित लोगों के जानमाल की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अप्रत्याशित रूप से महिला और दलित उत्पीड़न जैसे अपराध बढ़ रहे हैं सरकार कानून व्यवस्था और सुशासन के मुद्दे पर पूरी तरह फेल हो चुकी है। भ्रष्टाचार और महंगाई अपने चरम पर है लेकिन सरकार किसी भी बात को लेकर चिंतित नहीं है।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

You may have missed