कृषि विज्ञान केंद्र किन्नौर ने किसानों को बांटे सेब के नए पौधे और सब्जी के बीज

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रिकांगपिओ: कृषि विज्ञान केंद्र किन्नौर ने जनजातीय उप योजना के तहत जिले के दूरस्थ गांव कुनो में शीतोष्ण फलों के बागों के वैज्ञानिक प्रबंधन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। इस मौके पर 50 किसानों को 13.13 पौध प्रति बागबान सेब की कुल 25 नई प्रजातियों के पौधे सहित गोभ, फूलगोभी, मूली और चुकंदर के बीज वितरित किए गए।


यह पहल बागबानी के साथ अंतरवर्तीय खेती को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ क्षेत्र में नई सब्जियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से की गई। ग्राम प्रधान निर्मला देवी और उपप्रधान सुशील सागर ने कृषि विज्ञान केंद्र की टीम का स्वागत करते हुए कहा कि यह गांव बागबानी के मामले में अभी शुरुआती दौर में है, जहां किसानों को वैज्ञानिक जानकारी की कमी के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उम्मीद जताई कि यह प्रशिक्षण किसानों को फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाने में मदद करेगा। कार्यक्रम के दौरान डाक्टर कुमार ने गांव के बागों का दौरा कर किसानों को पेड़ों की सही कटाई-छंटाई और मजबूत संरचना विकसित करने का प्रायोगिक प्रदर्शन भी किया। ग्राम प्रधान ने भविष्य में प्रूनिंग और ट्रेनिंग पर विशेष प्रशिक्षण आयोजित करने का अनुरोध भी किया।

डाक्टर अरुण कुमार बोले
कृषि विज्ञान केंद्र के फल विज्ञान वैज्ञानिक डाक्टर अरुण कुमार ने बताया कि क्षेत्र में लंबी और कठोर सर्दियों के कारण सेब के पेड़ों को विकास के लिए पर्याप्त समय नहीं मिल पाता। इसके अलाव, बागों में पेड़ों की अव्यवस्थित व्यवस्था, प्रूनिंग और ट्रेनिंग की कमी से पेड़ कमजोर होकर बीमारियों या बर्फबारी का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने किसानों को सेब की बागबानी के लिए आयताकार पद्धति में पेड़ लगाने की सलाह दी, जिससे पंक्तियों के बीच फफड़ा, राजमा और आलू जैसी फसलें उगाकर अतिरिक्त आय अर्जित की जा सके।

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