देश रक्षा सहित अन्य क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बन रहाः रक्षा मंत्री

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देहरादून: केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आज देश रक्षा सहित अन्य क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बन रहा है। टैंक, तोप, गोला, बारूद जैसे महत्वपूर्ण रक्षा उपकरण 25 देशों को निर्यात किये जा रहे हैं। 16 हजार करोड़ का निर्यात इस क्षेत्र में किया जा चुका है। वह दिन दूर नही जब हम रक्षा से सम्बन्धित सामग्री भारत में ही बनाकर दुनिया को इसका निर्यात करेंगे। निजी क्षेत्र के उद्यमियों को प्रोत्साहित कर उनसे भी सामग्री क्रय की जा रही है। सोमवार को सर्वे ऑफ इंडिया ऑडिटोरियम में आयोजित प्रबुद्धजन सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तराखण्ड से उनका गहरा लगाव रहा है। उत्तराखण्ड को देवभूमि वीरभूमि शौर्य व सैन्य भूमि की संज्ञा देते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड छोटा राज्य होने के बावजूद यहा के समग्र विकास के प्रति केन्द्र सरकार का दृष्टिकोण स्पष्ट है।

उन्होंने कहा कि राज्य के समग्र विकास की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में केदारनाथ-बद्रीनाथ धाम में 1300 करोड़ के पुनर्निर्माण कार्य, ढाई हजार करोड़ रुपए की लागत से गौरीकुण्ड-केदारनाथ और गोविंदघाट-हेमकुण्ट साहिब रोपवे का कार्य, कुमायूं के पौराणिक मंदिरों को भव्य बनाने के लिये मानसखण्ड मंदिर माला मिशन का कार्य, पूरे राज्य में होम स्टे को बढ़ावा देने, 16 ईको टूरिज्म डेस्टिनेशन का विकास, उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार। उधमसिंह नगर में एम्स का सेटलाइट सेंटर बनाने, करीब 2 हजार करोड़ रुपए की लागत वाली टिहरी लेक डेवलपमेंट परियोजना, ऋषिकेश-हरिद्वार का एडवेंचर टूरिज्म और योग की राजधानी के रूप में विकास, टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन की परियोजना के साथ ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन पहाड़ में रेल के सपने की परिकल्पना को पूर्ण करने जा रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के गतिशील नेतृत्व में विश्व में भारत का मान सम्मान बढ़ा हैं। अन्तर्राष्ट्रीय मंचो पर भारत की बात को गंभीरता से सुना जा रहा है।  विश्व के देशों में प्रधानमंत्री को मिलने वाला सम्मान सभी देशवासियों का सम्मान है। विदेशी विशेषज्ञ प्रधानमंत्री मोदी को अद्भूत कार्य क्षमता शक्तिवाला व्यक्तित्व मान रहे है। विज्ञान एवं तकनीकी के क्षेत्र में भी देश का सम्मान बढ़ा है। हमारा जवान देश की सीमा पर राष्ट्रीय स्वाभिमान की भावना के साथ निडरता से खड़ा रहता है। उन्होंने कहा कि भारत 2027 तक विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी। इसका भी आकलन कई विदेशी अर्थशास्त्रियों द्वारा किया गया है। आज देश में बड़ी-बड़ी विदेशी कम्पनियां निवेश के लिये आ रही है।

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