यूक्रेन में फंसे के नागरिकों की सुरक्षित वापसी को लेकर सरकार प्रयासरत: मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर

शिमला: यूक्रेन में फंसे हिमाचल प्रदेश के विद्यार्थियों और लोगों की सकुशल वापसी का मुद्दा शुक्रवार को प्रदेश विधानसभा में गूंजा। सदन की बैठक शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने यह मुद्दा उठाते हुए सरकार से प्रदेश के लोगों की सुरक्षित वापसी के लिए कदम उठाने का आग्रह किया। इस पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सदन को बताया कि यूक्रेन पर रूस के हमले के बीच हिमाचल के नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए प्रदेश सरकार प्रयासरत है। सभी की सकुशल वापसी के लिए प्रबंध किए जा रहे हैं। केंद्रीय विदेश मंत्री को पत्र लिख कर हिमाचल के नागरिकों की सकुशल वापसी के लिए कदम उठाने का आग्रह किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मौजूदा समय में देश के 20 हजार से ज्यादा लोग यूक्रेन में फंसे हैं। इनमें हिमाचल के भी कई लोग हैं। यूक्रेन के विश्वविद्यालयों में हिमाचल के अनेक छात्र मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं और उनके अभिभावक अपने बच्चों की सुरक्षा को लीेकर चिंतित हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि कई अभिभावकों की उनके साथ दूरभाष पर बात हुई है। हमारी सरकार इनकी सुरक्षा को लेकर चिंतित है और वहां फंसे प्रदेश के सभी लोगों की जानकारी एकत्रित की जा रही है। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर 1100 जारी किया गया है। अब तक 60 लोगों ने इन हेल्पलाइन पर यूक्रेन में फंसे लोगों का नाम पंजीकृत करवाया है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि यूक्रेन में हिमाचल के नागरिकों की सुरक्षा को लेकर हमारी सरकार चिंतित है और केंद्रीय विदेश मंत्रायल से इनके सुरक्षा के लिए कदम उठाने को कहा है। कहा कि यूक्रेन में फंसे हिमाचल के सभी नागरिकों की सही सलामत वापसी के लिए प्रदेश सरकार हर तरह की मदद व प्रबंध करने को तैयार है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सचमुच में गंभीर व चिंता का विषय है।यूक्रेन में हमले की तस्वीरें दहशत पैदा कर रही हैं। केंद्र सरकार भारतीय की सकुशल वापसी की दिशा में गंभीरता से प्रयास कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस संबंध में रूस के राष्टपति पुतिन से बात की है। प्रधानमंत्री कार्यालय वहां फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी की भरसक कोशिश कर रहा है। विगत एक सप्ताह में हिमाचल सहित देश के 200 विद्यार्थी हवाई मार्ग से भारत लाए गए हैं। मौजूदा समय में सबसे बड़ी परेशानी यह आ रही है कि युद्ध की वजह से वहां एयरपोर्ट बंद कर दिए गए हैं। ऐसे में पोलैंड से सड़क मार्गां के जरिए स्वदेश वापसी के विकल्पों पर विचार चल रहा है।
इससे पहले नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि यूक्रेन में बड़ी तादाद में हिमाचल के विद्यार्थी व अन्य लोग फंसे हैं और उनकी सकुशल वापसी के लिए सरकार को त्वरित कदम उठाने चाहिए। अग्निहोत्री ने कहा कि यह बेहद गंभीर मामला है और सरकारी खर्चे पर यूक्रेन में फंसे राज्य के नागरिकों को वहां से यहां लाया जाए। उन्होंने कहा कि इन लोगों के स्वजन उनकी वापसी को लेकर चिंतित हैं और प्रदेश सरकार को इसे लेकर गंभीरता से कदम उठाने चाहिए।
अग्निहोत्री ने कहा कि पूरे हिमाचल से ऐसी खबरें आ रही हैं कि कई विद्यार्थी व लोग यूक्रेन में फंसे हैं। यूक्रेन में इनकी सुरक्षा की समस्या खड़ी हो गई है और विद्यार्थी असहाय महसूस कर रहे हैं। निजी एयरलाइंस ने टिकटों की दरें बढ़ा दी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से जानना चाहा कि वो सदन को सूचित करें कि प्रदेश के कितने लोग वहां फंसे हैं और उनकी सुरक्षा को लेकर सरकार क्या कदम उठा रही है?