दिल्ली: चाकू की नोक पर बंधक बना नौ साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म, पुलिस की गिरफ्त में हैवान, पोक्सो व अपहरण की धाराओं में मामला दर्ज

0 0
Read Time:4 Minute, 9 Second

नई दिल्ली :  शालीमार बाग इलाके में नौ साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मामले में पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपित सलीम नाम के शातिर अपराधी ने चाकू की नोक पर बंधक बनाकर नौ साल की बच्ची से दुष्कर्म कर इस अमानवीय घटना को अंजाम दिया है। दिल्ली पुलिस ने आरोपित के खिलाफ दुष्कर्म, पोक्सो व अपहरण की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। वहीं पीड़ित बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

घटना के मुताबिक बच्ची रविवार की दोपहर अपने घर के पास खेल रही थी। उसी दौरान वहां से गुजर रहे वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र में रहने वाले आरोपित सलीम ने बच्ची को कपड़े व टाफी दिलाने का लालच दिया और उसे ई रिक्शा पर बैठाकर झुग्गी में लेकर चला गया। जहं उसने चाकू का डर दिखाकर बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और इसके बाद शाम करीब छह बजे बच्ची को ई रिक्शा से वापस उसके घर के निकट छोड़कर फरार हो गया। वह जब घर पहुंची तो बेहोश हो गई। ऐसे में स्वजन ने पुलिस को सूचना देकर बच्ची को अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसके साथ दुष्कर्म होने की जानकारी मिली।

जांच के क्रम में स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर अमित कुमार एसआइ कुलदीप की टीम ने मौके के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला तो पीड़िता दिन में करीब 12 बजे ई रिक्श में बैठते हुए दिखाई दी। ऐसे में पुलिस ने ई रिक्शा के जाने वाले रूट पर लगे दो सौ से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच की तो पता चला कि आरोपित बच्ची को वजीरपुर औद्योगिक क्षेत्र की तरफ ले गया है। ऐसे में सीसीटीवी फुटेज में मिले हुलिया के आधार पर पुलिस आरोपित तक पहुंच गई। वह अपना नाम विशाल बताकर वहां रह रहा था। लेकिन उसका असली नाम सलीम निकला। उसने बताया कि वह बच्ची की हत्या करना चाहता था, लेकिन रोने की वजह से उसे छोड़ दिया।

पुलिस के अनुसार आरोपित ने वर्ष 2016 में उत्तर प्रदेश के रामपुर के सिविल लाइंस इलाके में दस वर्षीय एक बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी थी। इस मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था, लेकिन कोर्ट ले जाते समय फरार हो गया था। पुलिस ने उसे करीब दो माह के बाद दोबारा दबोच लिया था। लेकिन, बीते वर्ष अगस्त में जेल में कोरोना होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था और वह 28 अगस्त को वहां से भाग गया था। तब से वह वजीरपुर में रह रहा था।

स्पेशल स्टाफ के इंस्पेक्टर अमित कुमार एवं उनकी टीम बच्ची के परिवार को हर संभव मदद कर रही है। परिवार आर्थिक रूप से इस कदर कमजोर है कि घर में एक समय का ही भोजन बन पाता है। ऐसे में पुलिस ने परिवार को राशन उपलब्ध कराया और बीमार मां व भाई के इलाज कराने के लिए भी डाक्टर से संपर्क किया है।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

You may have missed

en_USEnglish