रक्षाबंधन पर सीएम धामी ने महिलाओं को दी बड़ी सौगात, हाईटेक टॉयलेट से लेकर पिंक ई-बस तक कई घोषणाएं

3
0 0
Read Time:7 Minute, 55 Second

देहरादून। रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की महिलाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। चकरपुर स्टेडियम में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा, सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर हाईटेक टॉयलेट, रोडवेज बसों में मुफ्त सफर की आयु सीमा घटाने, पिंक ई-बस और महिला स्वरोजगार योजना के तहत ऋण सीमा बढ़ाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की सुविधा, सुरक्षा और गरिमा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाओं से युक्त हाईटेक टॉयलेट विकसित किए जाएंगे। इनमें स्वच्छता के साथ महिलाओं की निजता, सुरक्षा और आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। प्रमुख सार्वजनिक स्थलों, बाजारों, पर्यटन स्थलों और अन्य आवश्यक स्थानों पर इन आधुनिक एवं सुरक्षित सुविधाओं को विकसित कर महिलाओं के लिए सुविधाजनक और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित किया जाएगा।

60 वर्ष की आयु से महिलाओं को रोडवेज बसों में मुफ्त सफर
मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन पर महिलाओं को बड़ी सौगात देते हुए घोषणा की कि उत्तराखण्ड रोडवेज बसों में महिलाओं के लिए उपलब्ध मुफ्त सफर की सुविधा अब 60 वर्ष की आयु से लागू की जाएगी। वर्तमान में 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं।

देहरादून में चलेंगी 10 पिंक ई-बसें
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के अंतर्गत उत्तराखण्ड को मिलने वाली 137 इलेक्ट्रिक बसों में से देहरादून में संचालित होने वाली 100 बसों में 10 बसें महिलाओं के लिए पिंक ई-बस के रूप में समर्पित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध तरीके से इस सुविधा का विस्तार प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी किया जाएगा, जिससे महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल सके।

महिला स्वरोजगार योजना में बढ़ी ऋण सीमा
महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने महिला स्वरोजगार योजना के तहत रियायती बैंक ऋण की सीमा 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 2.50 लाख रुपये करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास महिलाओं को स्वरोजगार के लिए आवश्यक पूंजी उपलब्ध कराकर उन्हें रोजगार मांगने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली बनाना है।

बहनों ने बांधा मुख्यमंत्री को रक्षासूत्र
चकरपुर स्टेडियम में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में उपस्थित बहनों ने मुख्यमंत्री को भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास के प्रतीक रक्षासूत्र बांधे। मुख्यमंत्री ने सभी बहनों का अभिवादन करते हुए उन्हें रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। बहनों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके लिए यह दिन अत्यंत शुभ और भावनात्मक है। बहनों का प्रेम और स्नेह उन्हें निरंतर जनसेवा के लिए प्रेरित करता है और अधिक मेहनत एवं ऊर्जा के साथ प्रदेश की जनता की सेवा करने की शक्ति देता है। उन्होंने कहा कि एक भाई अपनी बहन के सम्मान, सुरक्षा और खुशहाली को अपना धर्म मानता है। इसी भावना के साथ राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है।

केंद्र सरकार की योजनाओं से महिलाओं को मिला सशक्तिकरण का आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 से मातृशक्ति को अपनी नीतियों और योजनाओं में सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। नारी सशक्तिकरण को केवल नारों तक सीमित न रखकर योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जन-धन योजना के माध्यम से महिलाओं को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया, जबकि मुद्रा योजना ने महिलाओं को स्वरोजगार के लिए पूंजी उपलब्ध कराने का अवसर दिया। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से करोड़ों महिलाओं को गैस कनेक्शन उपलब्ध कराकर उनकी रसोई को धुएं से मुक्त करने का काम किया गया। वहीं, स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर शौचालयों का निर्माण कर महिलाओं के सम्मान और गरिमा की रक्षा सुनिश्चित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है।

उत्तराखण्ड में 3.09 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में उत्तराखण्ड में भी मातृशक्ति को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना के माध्यम से महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए सभी विकासखंडों में केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब तक 3 लाख 9 हजार बहनें लखपति दीदी बन चुकी हैं। इसे महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए मुख्यमंत्री ने बहनों का आह्वान किया कि वे अब लखपति दीदी से आगे बढ़कर करोड़पति बनने का लक्ष्य निर्धारित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं की इस यात्रा में उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि एक भाई के रूप में वे हमेशा अपना कर्तव्य पूरी ईमानदारी के साथ निभाएंगे।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
en_USEnglish