सीएम धामी ने दिए मानव-वन्यजीव संघर्ष पर प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश

4
0 0
Read Time:4 Minute, 36 Second

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य वन्यजीव बोर्ड की 23वीं बैठक और राज्य स्तरीय बाघ संचालन समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने तथा वन्यजीव आधारित पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए ठोस एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखते हुए सभी परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाए।

सचिवालय स्थित विश्वकर्मा भवन में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने आधुनिक तकनीक और जनसहभागिता के माध्यम से मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने, वन्यजीव गलियारों (कॉरिडोर) के संरक्षण तथा जैव विविधता संवर्धन पर विशेष जोर दिया। साथ ही वन्यजीव आधारित पर्यटन को स्थानीय लोगों की आजीविका से जोड़ने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वन्यजीवों के हमलों में मृतक एवं घायलों के परिजनों को निर्धारित मानकों के अनुसार समयबद्ध मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने मानव-वन्यजीव संघर्ष के दौरान दूसरों की जान बचाने वाले साहसी नागरिकों को राज्य स्तर पर सम्मानित करने की भी घोषणा की। सभी स्वीकृत विकास परियोजनाओं में वन्यजीव संरक्षण संबंधी शर्तों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में बताया गया कि राज्य में मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT), कैमरा ट्रैप, ड्रोन, सर्प बचाव किट, सोलर लाइट और आधुनिक निगरानी प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत, निगरानी व्यवस्था और वन कर्मियों को आवश्यक संसाधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

बैठक के दौरान राजाजी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में गैस पाइपलाइन तथा अन्य संरक्षित क्षेत्रों में सड़क, आईटीबीपी अवसंरचना और ऑप्टिकल फाइबर केबल जैसी जनहित परियोजनाओं को आवश्यक शर्तों के साथ राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति को अग्रसारित करने की अनुमति दी गई।

इसके बाद आयोजित राज्य स्तरीय बाघ संचालन समिति की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड जैव विविधता और वन्यजीव संपदा के मामले में देश का अग्रणी राज्य है। उन्होंने बाघ संरक्षण, वन्यजीव कॉरिडोरों की सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित निगरानी, प्राकृतिक जल स्रोतों एवं चारागाहों के विकास, वनाग्नि प्रबंधन तथा संवेदनशील क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक आधारित निगरानी को और मजबूत करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने हरिद्वार कुंभ के दौरान मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने के लिए विशेष क्यूआरटी टीमों की तैनाती करने को भी कहा। बैठक में कॉर्बेट एवं राजाजी टाइगर रिजर्व के लिए टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स के गठन, पर्यावरण अनुकूल सफारी वाहनों को बढ़ावा देने, फील्ड स्टाफ को विशेष प्रोत्साहन तथा वन्यजीव अपराधों की प्रभावी जांच के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %
en_USEnglish