मुख्यमंत्री धामी ने ‘समावेशी शिक्षा मिशन-2030’ का किया शुभारंभ, विशेष बच्चों के लिए विजुअल लर्निंग सामग्री का विमोचन
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजपुर रोड स्थित एक निजी होटल में शाइन अवी लर्निंग के “समावेशी शिक्षा मिशन-2030” का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए तैयार Visual Learning Curriculum पर आधारित विभिन्न पुस्तकों और शिक्षण सामग्री का भी विमोचन किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शाइन अवी लर्निंग की यह पहल शिक्षा को अधिक सरल, प्रभावी और समावेशी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों को धरातल पर उतारने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। नई शिक्षा नीति बच्चों में समझ, नवाचार, तार्किक सोच और आत्मविश्वास विकसित करने पर आधारित है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब, पीएम श्री विद्यालय, अटल उत्कृष्ट विद्यालय, डिजिटल शिक्षण सामग्री तथा विज्ञान एवं नवाचार आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं समावेशी शिक्षा को मजबूत बनाने के लिए विद्यालयों में रैंप, रेलिंग, सुगम शौचालय, अनुकूलित फर्नीचर और स्वच्छ पेयजल जैसी सुविधाओं का विस्तार किया गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगभग 5,800 विशेष आवश्यकता वाले बच्चे विभिन्न विद्यालयों में पंजीकृत हैं। राज्य सरकार द्वारा संचालित 11 विशेष विद्यालयों के माध्यम से 1,300 से अधिक बच्चों को विशेष शिक्षण और पुनर्वास सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा प्रारंभिक और माध्यमिक स्तर पर 300 से अधिक विशेष शिक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है, जबकि शेष रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और समावेशी शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी पूर्ण क्षमता के साथ आगे बढ़ सकें और विकसित भारत के निर्माण में योगदान दे सकें। उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल परीक्षाओं के लिए नहीं, बल्कि जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षाविद अनीता शर्मा और शाइन अवी लर्निंग की पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने विदेश से रिवर्स पलायन कर उत्तराखंड में शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में कई प्रवासी अपने गांव लौटकर राज्य के विकास में योगदान दे रहे हैं, जो उत्तराखंड के लिए सकारात्मक संकेत है।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड ने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने, सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) में देश में प्रथम स्थान हासिल करने तथा सख्त नकल विरोधी कानून जैसे कई ऐतिहासिक निर्णय लेकर पूरे देश के सामने मिसाल पेश की है।
कार्यक्रम में विधायक मुन्ना सिंह चौहान, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, मीडिया सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष धीरेंद्र पंवार, शिक्षाविद अनीता शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
