मुख्यमंत्री धामी ने की ‘उत्तराखण्ड सीएसआर डायलॉग’ में उद्योग जगत से राज्य के विकास में भागीदारी की अपील

11
0 0
Read Time:6 Minute, 21 Second

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित ‘उत्तराखण्ड सीएसआर डायलॉग’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, कॉरपोरेट समूहों, केंद्रीय उपक्रमों के अधिकारियों, सीएसआर पार्टनर्स, उद्योग एवं सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों से उत्तराखण्ड की विकास यात्रा में सहयोग करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि भारतीय धर्म ग्रंथों में भी तीर्थ स्थलों पर किए गए दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है। ऐसे में देवभूमि उत्तराखण्ड में कॉरपोरेट समूहों द्वारा सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के माध्यम से किया गया योगदान और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। उन्होंने कहा कि कई कॉरपोरेट संस्थाएं सीएसआर के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं और समाजहित में उनका योगदान सराहनीय है।

उत्तराखण्ड की परिस्थितियां अन्य राज्यों से अलग
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखण्ड एक पर्वतीय और सीमांत राज्य है, जहां की भौगोलिक परिस्थितियां और पारिस्थितिकी अत्यंत संवेदनशील हैं। इसी कारण राज्य की विकास संबंधी चुनौतियां भी अन्य राज्यों से अलग हैं। यहां विकास कार्यों के लिए अधिक संसाधनों, बेहतर योजना और अतिरिक्त प्रयासों की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड में “समग्र विकास” का अर्थ केवल सड़क, भवन और आधारभूत संरचनाओं का निर्माण करना नहीं है, बल्कि रोजगार सृजन, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करना भी है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में कॉरपोरेट जगत का अनुभव, संस्थागत क्षमता, आधुनिक प्रबंधन शैली और सामाजिक कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार के प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2023 में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से उत्तराखण्ड को 3.56 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इनमें से अब तक 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने में सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने उद्योगों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। व्यापार को आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया गया है। इसके साथ ही औद्योगिक नीति, लॉजिस्टिक नीति, स्टार्टअप नीति और एमएसएमई नीति सहित 30 से अधिक नीतियां लागू कर उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए इनक्यूबेशन सेंटर्स की स्थापना की गई है और 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड की व्यवस्था भी की गई है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने पहली बार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए पिछले वर्षों में 200 से अधिक भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि सरकार की पारदर्शी कार्यप्रणाली का सीधा लाभ उद्यमियों को मिल रहा है। अब योजनाओं की स्वीकृति, जमीन आवंटन, औद्योगिक लाइसेंस और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में अनावश्यक बाधाओं तथा भ्रष्टाचार की शिकायतों में कमी आई है।

उत्तराखण्ड को निवेश के लिए अग्रणी राज्य बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने उद्यमियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार उत्तराखण्ड को देश के अग्रणी “इन्वेस्टमेंट फ्रेंडली स्टेट” के रूप में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कॉरपोरेट जगत की दक्षता और प्रदेश सरकार की पारदर्शी नीतियां मिलकर एक ऐसी सस्टेनेबल इकोनॉमी का निर्माण करेंगी, जो पूरे देश के लिए एक उदाहरण बनेगी।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, खजान दास, विधायक उमेश शर्मा काऊ, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद श्रीविश्वास डाबर, प्रमुख सचिव आर.के सुधांशु, सचिव विनय शंकर पांडेय, एमडी सिडकुल डॉ. सौरभ गहरवार, अपर सचिव मनमोहन मैनाली शामिल हुए।

Happy
Happy
0 %
Sad
Sad
0 %
Excited
Excited
0 %
Sleepy
Sleepy
0 %
Angry
Angry
0 %
Surprise
Surprise
0 %

You may have missed

en_USEnglish