राज्यपाल ने लोक भवन में 108 पुस्तकों की प्रदर्शनी का किया अवलोकन

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देहरादून। राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने मंगलवार को राजभवन स्थित लोक भवन परिसर में आयोजित पुस्तक प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न विश्वविद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों तथा प्रतिष्ठित संस्थाओं के सहयोग से प्रकाशित 108 पुस्तकों एवं प्रकाशनों को देखा और इस पहल की सराहना की।

राज्यपाल ने कहा कि एक ही स्थान पर विभिन्न विषयों से संबंधित 108 पुस्तकों एवं प्रकाशनों का प्रदर्शन अत्यंत प्रेरणादायक अनुभव है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन ज्ञान, शोध और बौद्धिक विमर्श को नई दिशा प्रदान करते हैं तथा समाज में अध्ययन और चिंतन की संस्कृति को सशक्त बनाने का कार्य करते हैं।

उन्होंने कहा कि पुस्तकें केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं होतीं, बल्कि समाज की बौद्धिक चेतना, शोध, नवाचार और सांस्कृतिक विरासत की सशक्त अभिव्यक्ति भी हैं। पुस्तकों के माध्यम से न केवल नई पीढ़ी को ज्ञान का विस्तार मिलता है, बल्कि समाज की सांस्कृतिक और बौद्धिक परंपराओं का संरक्षण एवं संवर्धन भी होता है।

राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों द्वारा शोध, नवाचार और अकादमिक उत्कृष्टता पर आधारित प्रकाशनों को प्रोत्साहित किया जाना समय की आवश्यकता है। इस प्रकार के प्रयास शिक्षा जगत और समाज के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान को मजबूत करते हैं तथा शोध आधारित सोच को बढ़ावा देते हैं।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह की पुस्तक प्रदर्शनियां ज्ञान-संस्कृति को समृद्ध करने के साथ-साथ युवाओं में अध्ययन, अनुसंधान और नवाचार के प्रति रुचि विकसित करेंगी। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को पुस्तकों से जुड़ने और अध्ययन की आदत विकसित करने के लिए प्रेरित करना आज के समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने प्रदर्शनी में शामिल विभिन्न पुस्तकों एवं प्रकाशनों की जानकारी प्राप्त की और आयोजकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन राज्य में ज्ञान, शिक्षा और शोध की संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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