नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल के कारावास की सजा

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शिमला, 04 जून । शिमला जिले के जुब्बल क्षेत्र में एक नाबालिग बालिका के साथ यौन अपराध के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर पांच हज़ार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में उसे एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

पुलिस के अनुसार यह मामला 7 दिसंबर 2024 को थाना जुब्बल में दर्ज किया गया था। शिकायत में एक नाबालिग बालिका के साथ गंभीर यौन अपराध किए जाने के आरोप लगाए गए थे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और पीड़िता तथा उसके परिवार की सुरक्षा और गोपनीयता सुनिश्चित की।

जांच के दौरान पुलिस ने मामले से जुड़े सभी महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। पीड़िता का बयान कानूनी प्रक्रिया के तहत दर्ज किया गया। इसके अलावा चिकित्सीय जांच, वैज्ञानिक साक्ष्य और अन्य तकनीकी व परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया गया। पुलिस ने सभी तथ्यों और साक्ष्यों का गहन परीक्षण करने के बाद अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।

मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस और अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष साक्ष्यों और गवाहों को प्रभावी ढंग से पेश किया। इसके आधार पर फास्ट ट्रैक कोर्ट शिमला ने आरोपी अंशुल, पुत्र केवल राम, निवासी तहसील जुब्बल, जिला शिमला को दोषी ठहराया।

अदालत ने आरोपी को पोक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर पांच हज़ार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।

एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने गुरूवार को बताया कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों के मामलों में वह शून्य सहनशीलता की नीति के तहत काम कर रही है। उनका कहना है कि पीड़ितों को न्याय दिलाने और दोषियों को कानून के दायरे में लाने के लिए आगे भी इसी तरह कार्रवाई जारी रहेगी।

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