हिमाचल प्रदेश में शारीरिक शिक्षकों के 1959 पद खाली
शिमला: हिमाचल प्रदेश में शारीरिक शिक्षकों के स्वीकृत 4,505 पदों में से 1,959 पद खाली है। शारीरिक शिक्षकों के 870 पदों को भरने का निर्णय लिया गया था, लेकिन सरकार को मामला हाईकोर्ट में जाने के कारण भर्ती प्रक्रिया को रोकना पड़ा। ऐसे में कोर्ट के आदेश आने के बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी। शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने शुक्रवार को विधायक पवन कुमार काजल की ओर से पूछे गए प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार योगा और डी.पी. के खाली पदों को भविष्य में भरने का प्रयास करेगी। मिडिल स्कूलों में शारीरिक शिक्षकों को भरने में 100 विद्यार्थियों की संख्या भी आड़े आ रही है। इसे देखते हुए सरकार भविष्य में कुछ स्कूलों का कलस्टर बनाकर इनके लिए शारीरिक शिक्षक देने का प्रयास करेगी।
बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा है कि सरकार हिमाचल प्रदेश के निचले क्षेत्रों मंडी, हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर और सोलन में ड्रैगन फ्रूट की खेती को बढ़ावा देने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि ए.डी.बी. के माध्यम से बड़े प्रोजेक्ट के तहत इस पर काम होगा। उन्होंने यह जानकारी विधायक जीत राम कटवाल और नरेंद्र ठाकुर की ओर से पूछे गए प्रश्न के उत्तर में दी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य हिमाचल प्रदेश को सेब राज्य नहीं बल्कि फल राज्य बनाना है। उन्होंने कहा कि ड्रैगन फ्रूट की खेती को लेकर उनकी नौणी विश्वविद्यालय के अधिकारियों से चर्चा हुई है।
कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर की गैरमौजूदगी में उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने विधायक इंद्र सिंह की ओर से पूछे गए प्रश्न के उत्तर में कहा कि बल्ह विधानभा क्षेत्र में सब्जी मंडी का निर्माण कार्य भूमि उपलब्ध होने पर किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रयोजन के लिए वर्ष, 2020-21 में 5 लाख रुपए टोकन मनी स्वीकृत की गई थी। इस संदर्भ में मामला केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु मंत्रालय के एकीकृत क्षेत्रीय कार्यालय शिमला भेजे जाने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट से अंतिम स्वीकृति प्राप्त की जानी शेष है।
बिक्रम सिंह ने विधायक हीरालाल की ओर से पूछे गए एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कहा कि करसोग तहसील के चारकुफरी में उप मंडी निर्माण के लिए 1.09 हैक्टेयर वन भूमि की वन संरक्षण अधिनियम, 1980 के तहत सैद्धांतिक स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। हालांकि दूसरे चरण में सुप्रीम कोर्ट से इस बारे स्वीकृति मिलना बाकी है।विधायक राकेश सिंघा ने इस दौरान सेब और उसकी रुट स्टाक से संबंधित सवाल भी पूछा, लेकिन प्रश्नकाल की अवधि समाप्त होने पर इसका उत्तर नहीं मिल पाया।